छत पर बागवानी कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही बबीता सिन्हा
हम शहरों में गांव और गमलों में खेत-खलिहान ढूंढ़ते हैं। शहरों के बढ़ते दायरे के बीच भी आप छोटे-छोटे प्रयासों से हरियाली ला सकते हैं। ऐसा ही एक प्रयास कर रही हैं पटना के भट्टाचार्य रोड में रहने वाली बबीता सिन्हा। 48 वर्षीय बबीता सिन्हा शौक के लिए छतों पर बागवानी लगायी थी। यह शौक उनका जुनून बन गया। अब छत पर ही सभी प्रकार की सब्जियों कर रही हैं। सब्जियों के साथ सजावटी फूल, फल, औषधीए पौधे भी लगा रखी हैं। वह बताती हैं कि पिछले दस सालों से छत पर बागवानी कर रही हैं। छत पर ही खाने के लिए सारी अधिकतर सब्जियां उगा लेती हैं। गर्मी के मौसम में खिलने वाले लगभग 20 प्रकार के फूल, नेनुआ, कद्दू, करेला, भिंडी, खीरा, ककरी, हरी मिर्च, पुदिना, पालक, धनिया सहित औषधीए पौधे लगायी हुई हैं। आस-पास के लोग भी उनके गार्डेन से पौधे मांगकर ले जाते हैं। उनसे प्रेरणा लेकर कई लोगों ने छत पर बागवानी शुरू की है। वह बताती हैं इससे घर के लिए सब्जियां मिल जाती है। उससे भी अधिक शुद्ध और स्वच्छ हवा मिल जाती है। पौधे रहने के कारण शाम होते ही गर्म का भी कम एहसास होता है। वह पौधों में कभी भी रसायनिक खाद का इस्तेमाल नहीं करती है। इसके लिए गोबर से बने खाद को खरीद ही पौधों में डालती हैं। वह एक गृहणी है। बच्चे बाहर रहते हैं। पेड़-पौधों की सेवा में कैसे दिन कट जाता है, पता नहीं चलता है।
गरीब की बेटी की शादी और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं बबीता सिन्हा बबिता सिन्हा मूल रूप से पश्चिम चम्पारण ज़िला के चनपटिया की रहने वाली हैं। इन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा गोपालगंज और सेकेंडरी की शिक्षा इन्होंने चनपटिया से पूरी की है। इनके दो बच्चे हैं। इनकी बेटी डॉक्टर हैं एवं इनके पुत्र लॉ करने के उपरान्त दिल्ली में व्यवसाय कर रहें हैं। बबिता सिन्हा जी सामाजिक कार्यों में बहुत बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती हैं। ये लायंस क्लब इंटरनेशनल की सदस्य हैं। ये हर वर्ष कई गरीब परिवार की बेटियों के शादी में कई तरह से सहयोग करती हैं।



















































































