पचास की उम्र में खेती का जज्बा लाजवाब, 42 एकड़ जमीन पर ड्रैगन फ्रुट, पपीता और सहजन की खेती कर गांव की बदल रहे तस्वीर
रोजी-रोटी की तलाश में आदमी अपनी जड़ों से दूर होने लगता है, लेकिन जब उसे सुकून की जरूरत महसूस होती है तो गांव की तरफ ही रुख करता है। सुकून के इसी पल को तलाश में जब जितेन्द्र सिंह गांव आए तो मिट्टी की सौंधी खुशबू ने उन्हें जाने नहीं दिया। जितेन्द्र सिंह आज गांव में रहकर खेती को नवाचार से जोड़कर नया आयाम देने की कोशिशों में जुटे हैं। 52 वर्षीय जितेन्द्र सिंह आरा के बिहिया स्थित जादोपुर गांव के 42 एकड़ जमीन पर आधुनिक तरीके से व्यावसायिक खेती कर गांव की सूरत बदल रहे हैं। उनके इस मुहिम में 100 से अधिक किसान जुड़ गए हैं। जितेन्द्र सिंह बताते हैँ कि कोरोना काल में देखे कि सब लोग शहर छोड़कर गांव आ रहे हैं। वह पेशे से बिजनेसमैन हैं। उन्होंने सोचा कि गांव में ही लोगों के लिए रोजगार का साधन सृजित करेंगे। वह कोलकात्ता में रहकर व्यवसाय करते थे, पर गांव से हमेशा जुड़े रहे। गांव आए तो खेती करने की योजना बनायी। गांव की जमीन पर ड्रेगन फ्रुट, सहजन, पपीता की खेती शुरू की।
वे बताते हैं कि आठ एकड़ में 10 हजार पपीता, 16 एकड़ में 20 हजार सहजन और पांच एकड़ में 30 हजार ड्रेगन फ्रुट लगाए हुए हैं। इसमें पपीता में फलन आना शुरू हो गया। इस साल के अंत पर ड्रेगन फ्रुट भी आने लगेगा। इस काम को पूरी लगन के साथ कर रहे हैं। और उनका मन भी लग रहा है। वे बताते हैं कि अब तक सिर्फ भटक रहे थे, अब लग रहा है कि काम कर रहे हैं।



















































































