गंगा बचाओ अभियान और लावारिश लाशों को अधिकार दिलाने वाले 61 वर्षीय गुड्डु बाबा की लड़ाई जारी है
साल 2000 से अब तक 90 पीआईएल कर चुके हैं जन कल्याण के लिए
गंगा को साफ करने के लिए खुद गंगा नदी से लावारिश लाशों को निकाले ओर दाह संस्कार कराए
सविता। पटना
पटना के गुड्डु बाबा गंगा बचाओ अभियान से जुड़े उस शख्स का नाम है, जिन्होंने लावारिश लाशों को भी मानवता का अधिकार दिलाया। गंगा में प्रवाहित लाशों को निकालकर दाह संस्कार कराए। गंगा को लावारिस लाशों की गंदगी से बचाने की इसकी लंबी लड़ाई लड़ी और आज भी उनकी लड़ाई जारी है। व्यवस्था, मानवता और हक-हुकुक के लिए।
मूलत: सीवान के रहने वाले गुड्डु बाबा का जन्म इलाहाबाद में एक जनवरी 1964 को हुई थी। वह चार साल के थे तो उनकी मां का देहांत हो गया। पिता ने पाला। वह राजनीतिशास्त्र और पब्लिक एडमिस्ट्रेशन से पोस्ट ग्रेजुएट हैं। उनके पिता सर्च लाइट अखबार में नौकरी करते थे। अखबारों के बिगड़ते हालात पर मरते वक्त उनके पिता रामाश्रय प्रसाद सिंह ने कहा था बेटा कभी नौकरी मत करना, नौकरी करना तो सिर्फ सरकारी। 61 वर्षीय गुड्डु बाबा ने कभी न नौकरी करने की ठान ली। गुडडु बाबा पीएमसीएच से लावारिस लाशों को गंगा में प्रवाहित करने को लेकर उन्होंने काम करना शुरू किया। वह बताते हैं कि पीएमसीएच के पोस्टमार्टम विभाग के पीछे गंगा में हर दिन दर्जनों लाशे प्रवाहित कर दी जाती थी। मां गंगा को बचाने को निकला तो मुश्किलें ही मुश्किलें थी। तब उन्होंने हाईकोर्ट में जनहीत याचिका दायर करने का रास्ता निकाला। साल 2000 में पहला पीआईएल किया और आज 90 से अधिक पीआईएल कर चुके हैं। पर्यावरण बचाने की उनकी मुहिम आज भी जारी है। इसके साथ पीएमसीएच में हो रही धांधली को उजागर करने की लड़ाई लड़ रहे हैं।
पर्यावरण बचाने के लिए मुकेश अंबानी ने दिया था रियल हीरो अवार्ड
गुड्डु बाबा बताते हैं कि उनके पास 70 हजार लावारिश लाशों का डाटा है। पीएमसीएच में मरीजों को एक ब्रेड मिलता था। उस ब्रेड को लेकर हाईकोर्ट में पहुंच गए थे और जज को दिखाया था कि क्या मरीजों को जेल के कैदियों जैसा भी खाना नहीं मिल सकता है। तब जाकर साल 2002 में मरीजों को मिलने वाला खाने के लिए 25 रुपया निर्धारित किया गया। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग के सचिव दीपक कुमार ने 50 रुपए से 100 रुपए तक किए अभी भोजन पर 150 रुपए खर्च होता है। गुड्डु बाबा का समाज के लिए काम करने के जज्बा और गंगा बचाओ अभियान के लिए उन्हें मुकेश अंबानी ने साल 2009 में रियल हीरो अवार्ड से सम्मानित किया है।
गुड्डु बाबा की उपलब्धियां
बिहार की 87 गौशाला की 5000 एकड़ जमीन की लड़ाई लड़ी, अभी 1000 एकड़ जमीन मिल चुकी है।
सासाराम में वन विभाग की 352 एकड़ जमीन वापस दिलायी
जिला अस्पतालों की 1000 एकड़ जमीन खाली करवाया
राज्य के सभी पुलिस लाइन की जीर्णोद्धार का काम पीआईएल के माध्यम से किया है



















































































