केन्द्रीय बजट से बुजुर्गों की स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होने की उम्मीद
बजट 2026-27: वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत नहीं, पुरानी सुविधाएं यथावत
रोहित भारती। पटना
केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में एक फरवरी को बजट पेश कर दिया। इस केंद्रीय बजट 2026-27 में वरिष्ठ नागरिकों (सीनियर सिटीजन्स) के लिए किसी बड़ी नई वित्तीय राहत की घोषणा नहीं की गई है। लेकिन जेरियाटिक और केयर एण्ड गीवर पर जोर दिया गया है। इससे हमारे बुजुर्गों तक स्वास्थ सुविधाएं पहुंचाने में आसानी होगी। मेंटल हेल्थ का सेंटर रांची में खुलने जा रहा है, इससे भी बुजुर्गों को फायदा मिलेगा।कुल मिलाकर कहा जाए तो यह बजट आयकर में छूट भले ही नहीं दिया हो, स्वास्थ्य संबंधी कर लाभों को लेकर सरकार ने कोई नया प्रावधान नहीं किया, हालांकि पहले से लागू सुविधाओं को जारी रखा गया है।
बजट के अनुसार 60 से 79 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयकर छूट सीमा 3 लाख रुपये और 80 वर्ष से अधिक आयु के अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए 5 लाख रुपये की छूट सीमा यथावत रहेगी। टैक्स स्लैब, विशेष कटौतियों और डिडक्शंस में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में कुछ राहत अवश्य दी गई है। कैंसर से जुड़ी 17 आवश्यक दवाइयों पर आयात शुल्क में छूट देने का प्रावधान किया गया है, जिससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे वरिष्ठ नागरिकों को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल सकता है। इसके अलावा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और डिजिटल सुविधाओं को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती महंगाई, इलाज के बढ़ते खर्च और वृद्धावस्था की जरूरतों को देखते हुए वरिष्ठ नागरिकों को इस बजट से अधिक उम्मीद थी। बजट 2026-27 में स्थिरता तो दिखती है, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों के लिए किसी विशेष नई राहत की कमी साफ नजर आती है। कुल मिलाकर यह बजट वरिष्ठ नागरिकों के लिए “नया कम, पुराना बरकरार” वाला बजट साबित हुआ























































































