प्रकृति, प्रणायाम और सूक्ष्म आसन से स्वस्थ जीवन का भरपूर लुत्फ उठाए बुजुर्ग

चालीस की उम्र पार करते ही स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं सामने आने लगती है और 60 पार होते के प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है और हडि्डयां जवाब देने लगती है। वृद्धावस्था में भी स्वस्थ रहने के लिए योग का सहारा लेना चाहिए। उम्र के इस पड़ाव पर हडि्डयों से संबंधित समस्या सबसे आम होती है। घुटने, कमर और अन्य जगहों पर दर्द से लोगों का जीना हराम हो जाता है। इससे बचने के लिए बुजुर्गों को सुक्ष्म अभ्यास करना चाहिए।