अकेले रहने वाले बुजुर्गों पर गहरता जा रहा है डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगी
खुद बैंक जाकर पैसे ट्रांसफर किया 6 बार में आरटीजीएस के जरिए एक करोड़ 95 लाख रुपए ट्रांसफर करवाये ।
केस नम्बर :2 20 नवम्बर 2024 को कदमकुआं थाने के रोड नंबर-5 में रहने वाली 72 वर्षीया रिटायर्ड प्रोफेसर ज्योति वर्मा से डिजिटल अरेस्ट कर तीन करोड़ रुपये से अधिक की रकम ठग लिया था। हालांकि अब तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। साइबर ठगों ने अकेले रहने का फायदा उठाकर उनके साथ ठगी की।
पहले ऑनलाइन ठगी को जानें
- क्लोन ऐप्स और फिशिंग वेबसाइट्स: ठग विश्वसनीय कंपनियों के ऐप्स या वेबसाइट्स के नकली एडिशन बनाकर यूजर्स को धोखा देते हैं. ये साइट्स या ऐप्स सस्ते दामों पर उत्पाद दिखाकर लोगों को आकर्षित करती हैं, जिससे वे भुगतान करते हैं और ठगी का शिकार बनते हैं.
- फर्जी कॉल्स और मैसेज: ठग बैंक या दूसरे संस्थानों के प्रतिनिधि बनकर कॉल या मैसेज भेजते हैं, जिसमें वे आपकी व्यक्तिगत जानकारी या ओटीपी मांगते हैं.
- सेक्सटॉर्शन: सोशल मीडिया या दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर ठग नकली प्रोफाइल बनाकर लोगों से दोस्ती करते हैं और बाद में उनकी निजी तस्वीरों या वीडियो का इस्तेमाल करके उन्हें ब्लैकमेल करते हैं.
- तकनीकी सहायता धोखाधड़ी: यूजर्स को फर्जी तकनीकी सहायता प्रदान करने के बहाने ठग उनके डिवाइस तक पहुंचते हैं और संवेदनशील जानकारी चुरा लेते हैं.
ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय
- सतर्कता और जागरूकता: ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्क रहें. संदिग्ध लिंक, अनजान ईमेल या मैसेज पर क्लिक न करें.
- सुरक्षित वेबसाइट्स का इस्तेमाल: ऑनलाइन खरीदारी या बैंकिंग के लिए हमेशा विश्वसनीय और सुरक्षित वेबसाइट्स का ही इस्तेमाल करें. यूआरएल में ‘https’ और ताले का निशान जांचें.
- दो-कारक प्रमाणीकरण (2FA): अपने ऑनलाइन खातों में 2FA सक्षम करें, जिससे अतिरिक्त सुरक्षा स्तर मिलता है.
- सॉफ्टवेयर अपडेट रखें: अपने डिवाइस के ऑपरेटिंग सिस्टम, ब्राउजर और सुरक्षा सॉफ्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट करें.
- मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें: मजबूत और अद्वितीय पासवर्ड का इस्तेमाल करें और उन्हें नियमित रूप से बदलें.
- सार्वजनिक वाई-फाई से बचें: सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क पर संवेदनशील लेन-देन करने से बचें, क्योंकि ये असुरक्षित हो सकते हैं.
- संदिग्ध कॉल्स और मैसेज से सावधान: कोई भी संस्थान आपकी व्यक्तिगत जानकारी या ओटीपी फोन पर नहीं मांगता. ऐसे कॉल्स या मैसेज को नजरअंदाज करें.
- साइबर अपराध की रिपोर्टिंग: अगर आप ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या स्थानीय साइबर सेल में शिकायत दर्ज करें.




















































































