बांका के 200 एकड़ पत्थरीली बंजर जमीन पर आम, अमरूद, शीशम, सागवान की खेती कर बनाया हरा-भरा
भूमि संरक्षण विभाग के जलछाजन के शुष्क बागवानी योजना के तहत खेत के पास तालाब,कुआं और पम्पसेट के माध्यम से सिंचाई सुविधा मुहैया कराकर 99 हेक्टेयर बंजर भूमि पर फूल खिला रहे
बांका, जमुई, गया और पटना के बंजर जमीन पर तालाब, कुएं और पम्पसेट से सिंचाई की सुविधा मुहैया कराकर बदल रहे गांव की तस्वीर
सविता। पटना
पत्थर में भी फूल खिलते हैं। इस बात को साबित कर दिखाया है बांका, जमुई और पटना के पांच सौ से अधिक किसानों ने। भूमि संरक्षण विभाग के जलछाजन के शुष्क बागवानी योजना के तहत खेत के पास तालाब, कुआं और पम्पसेट के माध्यम से सिंचाई सुविधा मुहैया कराकर 99 हेक्टेयर बंजर भूमि पर फूल खिला रहे हैं। किसानों ने बंजर जमीन पर आम, अमरूद, शीशम, गमहार, बीन, फूलगोभी, टमाटर के साथ कई तरह की सब्जियों की खेती कर समृद्ध बन रहे हैं। इससे गांवों में पलायन भी रुका है।
पुश्तों से बंजर जमीन पर किसी तरह की खेती नहीं होती थी, आज दो किलोमीटर तक सिर्फ पेड़ ही पेड़ है
बांका के घुठिया के गांव के किसान जयकांत बतााते हैं कि उनके पास दस एकड़ जमीन है। जमीन पूरी तरह बंजर थी। पहाड़ों के बीच यह जमीन बेकार हो रही थी, कभी खेती नहीं होती थी। भूमि संरक्षण विभाग की तरफ से उन्हें बंजर जमीन में खेती करने के लिए बुलाया गया। वह सोचे कि आज तक मेरे दादा-परदादा खेती नहीं कर पाए, वह क्या कर पाएंगे। लेकिन विभाग की ओर से 80 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा था। उन्होंने खाली समय में प्रशिक्षण लिया और खेत पर काम करना शुरू किया। मिट्टी जांच कराया गया। सिंचाई का साधन खोजा गया और प्रशिक्षण भी दिया गया। आज से पांच साल पहले 200 आम का पौधा लगाए थे। इसके बाद 800 और आम, अमरूद के पौधे लगाए। उनके देखा-देखी गांव के 50 किसानों ने भी बंजर जमीन पर खेती करना शुरू कर दिया। किसान नकुल मंडल बताते हैं कि उनके गांव में दो किलोमीटर तक पहले जहां सिर्फ झाड़ियां दिखती थी आज आम, अमरूद और शीशम, सागवान के पेड़ दिखते हैं। श्याम सुन्दर बताते हैं कि पांच सालों में आम के पौधे फलन से पहले ही बिक जाते हैं। इस गांव के किसान खेती नहीं होने की वजह से मजदूरी के लिए दिल्ली, गुजरात और हरियाणा में पलायन कर जाते थे, अब आम, अमरूद और सब्जियों की खेती कर अच्छी कमाई कर रहे हैं। मुन्ना मंडल बताते हैं कि एक हेक्टेयर में फूल और फलों की खेती कर दो से तीन लाख रुपए की कमाई कर रहे हैं।
किसानों को प्रशिक्षित कर 80 प्रतिशत अनुदान देकर बंजर जमीन को बनाया जा रहा है उपजाऊ
जल छाजन की शुष्क बागवानी योजना के तहत राज्य के 99 हेक्टेयर भूमि बागवानी फसलों को उगया जा रहा है। खासकर बांका और जमुई की बंजर जमीन पर बागवानी फसलों की खेती हो रही है। इससे बंजर जमीन अब उपजाऊ हो गई है। भूमि संरक्षण विभाग बागवानी फसलों की खेती के लिए 80 प्रतिशत अनुदान देता है। इसके तहत 200 तालाबों और 250 कुएं का निर्माण कराया गया है।
सुदामा महतो, निदेशक, भूमि संरक्षण विभाग



















































































