बुजुर्गों का कैसे मिलेगा वृद्धापेंशन का लाभ, ई-केवाईसी है बंद
- दिव्यांग बुजुर्गों का जीवनप्रमाणी करण करने का कोई उपाय नहीं
- ई-केवाईवाईसी का काम फरवरी से ही बंद है।
सविता। पटना
राज्य में वृद्धा पेंशन की राशि 1100 रुपए हो गई हैं। इसके बाद भी 2 लाख से अधिक बुजुर्गों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है क्योंकि वृद्धापेंशन के लिए जरूरी ई-केवाईसी बंद है। जब तक बुजुर्गों के पेंशन एकाउंट का ई-केवाईसी नहीं होता है, पेंशन की राशि नहीं मिल सकेगी। ई-केवाईसी के तहत पेंशन एकाउंट को आधार से लिंक कराना अनिवार्य होता है। ई-केवाईवाईसी का काम फरवरी से ही बंद है। इसके कारण बुजुर्गों को बढ़ी हुई पेंशन की राशि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लाचार बुजुर्ग भटक रहे हैं।
समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयसी के अनुसार ई-केवाईसी को शुरू करने के लिए एनआईसी और बेल्ट्रॉन के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। वृद्धा पेंशन के लिए लिए फिर से जीवन प्रमाणीकरण भी कराया जा रहा है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि वैसे बुजुर्ग जो बिस्तर से उठ नहीं सकते हैं, उनका जीवन प्रमाणीकरण कैसे होगा। पटना के हनुमान नगर की 80 वर्षीय गायत्री देवी लकवाग्रस्त है। दवा से लेकर खाने-पीने के लिए बच्चों पर निर्भर रहना पड़ता है। अब कोई नहीं देखता है और उन्हें पेंशन भी नहीं मिल पा रही है क्योंकि उनको कोई जीवन प्रमाणीकरण के लिए ले नहीं जा रहा है और न ई-केवाईसी करा रहा है। नवादा के पकड़ीबरामा की 65 वर्षीय साजिदा खातून को ई-केवाईसी के कारण पेंशन बंद कर दिया गया है। बोधगया की 70 वर्षीय शमिना खातून का भी ई-केवाईसी के कारण पेंशन बंद कर दिया है।
11जुलाई को मुख्यमंत्री ने विधवा, बुजुर्ग और दिव्यांगों का पेंशन 400 रुपए से बढ़ाकर 1100 रुपए किया था
राज्य सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने 11 जुलाई 2025 को सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि में वृद्धि का औपचारिक शुरुआत की। इस योजना के तहत अब तक ₹400 प्रतिमाह की दर से दी जा रही पेंशन को बढ़ाकर ₹1100 प्रतिमाह कर दिया गया। जिससे वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को बड़ा आर्थिक संबल प्राप्त होगा। कुल लाभार्थी – 1.11 करोड़ से अधिक लाभार्थियों कुल वितरण की कुल राशि – 1227 करोड़ 27 लाख से अधिक को लाभ दिया गया है।
वृद्धा पेंशन बनवाने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज चाहिए:
- पासपोर्ट साइज फोटो: आवेदक की हाल ही की फोटो.
- आधार कार्ड: आवेदक का आधार कार्ड.
- आयु प्रमाण पत्र: जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल छोड़ने का प्रमाण पत्र, या कोई अन्य सरकारी दस्तावेज जो उम्र को प्रमाणित करता हो.
- बैंक पासबुक: आवेदक के नाम पर एक बैंक खाता होना चाहिए और उसकी पासबुक की कॉपी.
- आय प्रमाण पत्र: यह प्रमाण पत्र दर्शाता है कि आवेदक की आय एक निश्चित सीमा से अधिक नहीं है.
- निवास प्रमाण पत्र: यह प्रमाण पत्र दर्शाता है कि आवेदक बिहार का निवासी है.
- वोटर आईडी कार्ड: यह वैकल्पिक है, लेकिन यदि उपलब्ध हो तो जमा करना चाहिए.
- BPL कार्ड: यदि आवेदक बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) है तो यह आवश्यक है.
- जाति प्रमाण पत्र: यदि आवेदक आरक्षित वर्ग से है तो यह आवश्यक है.
आवेदन करते समय, यह सुनिश्चित करें कि सभी दस्तावेज सही और पूरे हों। आवेदन पत्र को विधिवत भरकर, आवश्यक दस्तावेजों के साथ, समाज कल्याण अधिकारी के पास जमा करना होगा.



















































































