कृषि विभाग 30 से अधिक सेवानिवृत्त पदाधिकारियों का पेंशन अटका दिया है।विभाग न तो इन कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई कर रहा है और न तो इनका पेंशन और सेवांत लाभ
बिहार में पत्रकारों को सेवानिवृत्त होने पर 6 हजार के बदले 15 हजार रुपए प्रति महीने पेंशन मिलेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 26 जुलाई को ट्वीट के माध्यम से यह
60-62 साल के होते हैं, लेकिन शरीर से स्वस्थ रहते हैं और समाज पर बोझ बनना नहीं चाहते हैं।सेवानिवृत्त होने वाले ऐसे 60 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी कोई न कोई
छपरा, सीवान, नवादा, शेखपुरा के पांच हजार से अधिक मजदूर जहरीले समुद्री जहाज काटने का काम कर रहे हैं। पिछले पांच सालों में समुद्री जहाज काटते हुए 500 से अधिक
बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर ने आठ कृषि वैज्ञानिकों को 65 साल के बदले जबरदस्ती 62 साल में सेवानिवृत्त कर दिया गया। हद यह है कि न तो सेवानिवृत्ति की शर्तों
राज्य की सात मखाना उत्पादक कंपनियों की मालकिन महिलाएं बन गई है। सभी सात कंपनियों का नाम महिला स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर रखा गया है। इन मखाना उत्पादक कंपनियों
जिन्दगी ऐसी है कि कोई भीख भी देना नहीं चाहता। लोग अछूत मानते हैं। हमें देखकर रास्ता बदल लेते हैं, लेकिन जिन्दगी कहां रुकती है। इस ठहरी हुई जिन्दगी को हमने
रास्ते कभी बंद नहीं होते, बस मंजिल तक पहुंचने का रास्ता बदलना होता है सविता। पटना 42 वर्षीय रीना कुमारी मोतियों की ज्वेलरी बनाकर उद्वमियता के क्षेत्र में अलग पहचान
अमेरिका यात्रा- संस्मरन भाग-1 संयुक्त राष्ट्र अमेरिका विकसित देशों की श्रेणी में सबसे आगे हैं। हो भी क्यों न यहां का न्यूनतम मजदूरी 8 डॉलर प्रति घंटा है। यानी एक