बुजुर्गों के लिए डाकघर की योजनाएं: अब सुरक्षित और नियमित आय का आसान जरिया
- बुढ़ापे में अब लोग अकेले ही जिन्दगी गुजारने को मजबूर हो रहे हैं
- डाकघरों में दर्जनों योजनाएं चलाई जा रही हैं जो बुजुर्गों को सहारा दे रहा है
रोहित भारती। पटना
जिस प्रकार एकल परिवार का प्रचलन बढ़ रहा है। वृद्धावस्था में आर्थिक रूप से सक्षम होना बहुत जरूरी हो गया है।क्योंकि बुढ़ापे में अब लोग अकेले ही जिन्दगी गुजारने को मजबूर हो गए हैं। ऐसे में पैसा ही आपका सबसे बड़ा सहारा बनता है। भारतीय डाक विभाग कई ऐसी योजनाएं चला रहा है जो बुजुर्गों की जिन्दगी को आसान बना रहा है।
बुजुर्गों को आर्थिक सुरक्षा और नियमित आय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से डाक विभाग ने अपनी कई बचत योजनाओं को और बेहतर बनाया है। ये योजनाएं न केवल पूरी तरह सुरक्षित हैं, बल्कि सरकारी गारंटी के साथ स्थिर ब्याज़ भी उपलब्ध कराती हैं। वरिष्ठ नागरिक इन योजनाओं के माध्यम से अपनी बचत को सुरक्षित रखते हुए हर महीने नियमित आय प्राप्त कर सकते हैं।
सबसे लोकप्रिय सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) में 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक अधिकतम 30 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं। पाँच वर्ष की इस योजना में तिमाही ब्याज़ सीधे खाते में मिल जाता है। सरकारी गारंटी के कारण बुजुर्गों के लिए यह सबसे भरोसेमंद व्यवस्था मानी जाती है। इस पर 8.2% का ब्याज मिलता है। डाक अधिकारियों के अनुसार, पोस्ट ऑफिस की बचत योजनाएं वर्तमान बैंकिंग सेक्टर की तुलना में अधिक लाभकारी हैं।
इसी तरह पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (MIS) उन बुजुर्गों के लिए खास है, जिन्हें हर महीने निश्चित आय की जरूरत होती है। इसमें एकल खाते में 9 लाख रुपये और संयुक्त खाते में 15 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है। पाँच वर्ष की अवधि वाली यह योजना वरिष्ठ नागरिकों को महीने-दर-महीने वित्तीय स्थिरता प्रदान करती है। दीर्घकालिक निवेश चाहने वालों के लिए राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) जैसा सुरक्षित विकल्प उपलब्ध है। जहाँ NSC में पाँच वर्ष की अवधि तथा कंपाउंड ब्याज़ का लाभ है, वहीं PPF 15 वर्ष की टैक्स-फ्री बचत योजना के रूप में बुजुर्गों के बीच लोकप्रिय है। इसके साथ ही किसान विकास पत्र (KVP) में निवेश की गई राशि निश्चित अवधि में दोगुनी हो जाती है, जो सुरक्षित रिटर्न चाहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए आसान विकल्प है। बुजुर्गों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) भी घर-घर बैंकिंग की सेवा दे रहा है, जिससे वरिष्ठ नागरिक घर बैठे पैसे जमा या निकाल सकते हैं और डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। इन योजनाओं की बदौलत डाकघर आज भी बुजुर्गों की वित्तीय सुरक्षा का मजबूत सहारा बना हुआ है।
- खाता खोलने की प्रमुख शर्तें
- न्यूनतम ₹500 की प्रारंभिक जमा राशि
- एक व्यक्ति एक ही एकल खाता खोल सकता है
- नामांकन अनिवार्य
- आधार, पैन, दो फोटो और मोबाइल नंबर आवश्यक
- कौन खोल सकता है खात
- वयस्क (18+)
- संयुक्त खाता दो वयस्कों के नाम
- नाबालिग (10+ वर्ष) स्वयं खाता संचालित कर सकता है
- 10 वर्ष से कम आयु के नाबालिग का खाता अभिभावक संचालित करेगा
- विकृत दिमाग वाले व्यक्ति की ओर से अभिभावक खाता खोल सकता है



















































































