जिस प्रकार एकल परिवार का प्रचलन बढ़ रहा है। वृद्धावस्था में आर्थिक रूप से सक्षम होना बहुत जरूरी हो गया है।क्योंकि बुढ़ापे में अब लोग अकेले ही जिन्दगी गुजारने को
पिछले एक महीने से स्वतंत्रता सेनानियों के पोते और पोतियां पटना में जुटे हुए हैं। वह हर दिन इस आस में रहते हैं कि नीतीश कुमार स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों
60-62 साल के होते हैं, लेकिन शरीर से स्वस्थ रहते हैं और समाज पर बोझ बनना नहीं चाहते हैं।सेवानिवृत्त होने वाले ऐसे 60 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी कोई न कोई
छपरा, सीवान, नवादा, शेखपुरा के पांच हजार से अधिक मजदूर जहरीले समुद्री जहाज काटने का काम कर रहे हैं। पिछले पांच सालों में समुद्री जहाज काटते हुए 500 से अधिक
बांका के खरहरा पंचायत के 42 वर्षीय मुखिया मनीष कुमार को इस साल फाइलेरिया उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ठ काम करने के लिए पंचायती राज विभाग ने पुरस्कृत किया है।
बिहार सरकार के आंकड़ों के अनुसार इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थी 35 लाख 59 हजार 667 है। वहीं मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत 49 लाख 56
वृद्धावस्था सिर्फ आपको शारीरिक रूप से कमजोर नहीं बनाता है, बल्कि आर्थिक और सामाजिक स्तर पर भी शिथिल कर देता है। लोग खुद को बेकार समझने लगते हैं। मानसिक स्वास्थ्य
25-25 दिनों से ऑपरेशन के इंतजार में हैं आयुष्मान कार्डधारी मरीज सविता। पटना राजधानी के लोक जयप्रकाश नारायण हड्डी रोग अस्पताल में आयुष्मान कार्डधारी बुजुर्ग मरीजों को न समय में
साल 2050 तक देश की कुल जनसंख्या का 20-22 प्रतिशत बुजुर्गों की संख्या होगी। 60 से अधिक आयु वाले बुजुर्गों के स्वास्थ्य एवं सामुदायिक स्तर पर देखभाल के लिए समुचित
चालीस की उम्र पार करते ही स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं सामने आने लगती है और 60 पार होते के प्रतिरोधक क्षमता घटने लगती है और हडि्डयां जवाब देने लगती है। वृद्धावस्था