समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी भोपाल की साक्षी के आईएएस बनने का सपना साकार करेंगी
- बंदना प्रेयषी ने कहा कि उनका सौभाग्य है कि वह किसी बेटी के सपने को साकार करने में सहायता कर पाएंगी
- भोपाल के बजरिया इलाके में साक्षी के परिवार ने पढ़ाई रोककर शादी कराने की तैयारी शुरू कर दी थी
रोहित भारती। पटना
समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयषी आईएएस बनने के लिए निकली साक्षी की मेंटर और गाइड बनेंगी। साक्षी भोपाल की रहने वाली है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अपनी तरह की पहली सुनवाई की है। इसमें किसी छात्रा के आईएएस बनने के लिए किसी महिला आईएएस को चुना गया है। आदेश के अनुसार साक्षी की आगे की पढ़ाई और तैयारी की व्यवस्था अब पटना में की जाएगी, यहां उसकी देखरेख समाज कल्याण विभाग की सचिव और 2003 की आईएएस अधिकारी बंदना प्रेयषी करेंगी। बंदना प्रेयषी ने बताया कि यह उनका सौभाग्य होगा कि वह किसी बेटी के सपने को सकार करेंगी। साक्षी भोपाल के बजरिया इलाके में परिवार के साथ रहती थी, परिजनों ने उसकी पढ़ाई रोककर शादी कराने की तैयारी शुरू कर दी थी। लगातार दबाव और पढ़ाई से रोकने पर परेशान होकर वह घर छोड़कर इंदौर चली गई थी। वहां वह निजी नौकरी कर रही थी और साथ में सिविल सेवा की तैयारी भी।
घर से निकलते समय उसने एक नोट छोड़ा था 2030 में आईएएस बनकर लौटूंगी।
साक्षी के लापता होने पर पिता ने हाई कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। लगभग 10 माह बाद बजरिया पुलिस ने उसे इंदौर से खोजकर अदालत में पेश किया। युवती ने बयान दिया कि पिता पढ़ाई नहीं करने देते और शादी का दबाव बनाते हैं। पहले उसने उनके साथ जाने से इनकार किया था, लेकिन अदालत के समझाने पर कुछ दिनों साथ रहने के लिए राज़ी हुई। पिता ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि अब वे उसे न तो दबाव में रखेंगे और न ही पढ़ाई रोकेंगे। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की पीठ ने साक्षी के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखते हुए आदेश पारित किया कि उसकी पढ़ाई और आवश्यक सुविधाओं का ध्यान आईएएस बंदना प्रयेषी की निगरानी में रखा जाएगा।



















































































