#Health #Inspiring Stories

बुजुर्गों को फाइलेरिया और बेटियों को एनिमिया से बचा रहे मनीष मुखिया

बांका के खरहरा पंचायत के मुखिया पेाषण वाटिका लगाकर बेटियों को एनिमिया से बचा रहे

एक साल में जन्म के साथ एक भी बच्चे की नहीं हुई मौतएनिमिया के मामले भी 30 प्रतिशत हुए कम

घरेलू हिंसा को कम करने के लिए कराते हैं सासबहू प्रतियाेगिता

सविता। पटना

बांका के खरहरा पंचायत के 42 वर्षीय मुखिया मनीष कुमार को इस साल फाइलेरिया उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ठ काम करने के लिए पंचायती राज विभाग ने पुरस्कृत किया है। वह बुजुर्गों को फाइलेरिया से बचाने के लिए मास ड्रग एडमिस्ट्रेशन करा रहे हैं। इससे उनका गांव फाइलेरिया उन्मूलन की तरफ रुख किया है। वह बताते हैं बीमारी मुक्त गांव के लिए काम कर रहे हैं। लेकिन उनका फोकस महिला और बच्चियां है। वह बताते हैं कि पक्की नली-गली बनाने का काम सभी लोग करते हैं। इसमें पैसे भी अधिक खर्च होते हैं। लेकिन हमने स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक बुराईयों को खत्म करने की दिशा में अधिक ध्यान देना शुरू किया। इस काम में पैसे कम खर्च हुए और बदलाव बहुत बड़ा हुआ। इसका नतीजा यह हुआ कि पिछले एक साल से जन्म के साथ किसी भी नवजात बच्चे की मौत नहीं हुई है। पांच साल के बच्चे की मौत किसी बीमारी से नहीं हुई और पंचायत में सास-बहू के झगड़े भी कम हो गए हैं। पंचायत में बदलाव की कहानी को लिख रहे मुखिया मनीष कुमार ने मुम्बई से एमबीए किया है और पहली बार मुखिया बने हैं। वह बताते हैं कि एमबीए में मैनेजमेंट करना सिखाया जाता है। लेकिन जब धरातल पर मैनेजमेंट करने का मौका मिला तो हमने सामाजिक प्रबंधन पर जोर दिया। मनीष बताते हैं कि विकास का करना मेरा दायित्व है। लेकिन मेरे द्वारा किए गए कार्यों का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे तो मेरा मुखिया बनना सफल होगा। उनके द्वारा किए गए कार्यों के बारे में ग्रामीण श्वेता कुमारी बताती हैं कि एक साल से पंचायत में मुखियाजी द्वारा पोषण वाटिका लगाया जा रहा है। इसमें हरी सब्जियों के साथ रंग-बिरंगी सब्जियों के उत्पादन पर जोर दिया जाता है। स्कूलों और टोलों में जाकर शिविर के माध्यम से एनेमिया की जांच करायी जाती है और आयरन की गोली देने के साथ पोषणवाटिका लगायी जाती है। इससे एक साल में पंचायत में एनेमिया से ग्रसित किशोरियों और महिलाओं की संख्या में 30-40 प्रतिशत की कमी आयी है।

योजनाओं की जानकारी देने के लिए बनाया ग्राम पंचायत खरहरा के नाम से मोबाइल एप्लिकेशन

मनीष मुखिया बताते हैं कि पहले सरकारी योजनाओं के बारे में लोगों को पता नहीं चल पाता था। इसके लिए हमने ग्राम पंचायत खरहरा के नाम से मोबाइल एप्लिकेशन बना दिया। इस मोबाइल एप्लिकेशन में पंचायत के सभी वार्ड सदस्य, पंचायत सचिव, सरपंच, मुखिया, विकासमित्र सहित सभी जनप्रतिनिधियों का मोबाइल नम्बर डाल दिया है। इससे बिना किसी झंझट के पंचायत के लोग संपर्क कर लेते हैं। इसके साथ केन्द्र सरकार की सभी योजनाओं के बारे में जानकारी देते हैं। इस ऐप को प्ले स्टोर से इंस्टॉल करके विश्वकर्मा योजना, पेंशन योजना और रोजगार के लिए इम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। इम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज में अब तक 200 लाेगों ने अपना नाम रजिस्ट्रर्ड कराया है। वहीं 50 लोगों ने अपना रोजगार शुरू किया है।

पंचायत के विकास के लिए सभी वर्ग के लोगों का बनाया समूह

मुखिया ने अपने पंचायत के विकास के लिए सभी वर्ग का समूह बनाया। इसमें डॉक्टर, किसान सलाहकार, बैंक कर्मचारी, शिक्षक, पैक्स अध्यक्ष, पीडीएस कर्मचारी, आशा, एएनएम, जीविका के सीएम, जैव विविधता के सदस्य, आंगनबाड़ी सेविका, सरपंच और वार्ड सदस्य है। पंचायत के विकास के लिए बनने वाली योजनाओं को तैयार करने से लेकर क्रियांवयन कराना इनका काम होता है।

पंचायत में सास-बहू प्रतियोगिता कराते हैं

मनीष बताते हैं कि घर शांत रहेगा तो गांव शांत रहेगा और गांव शांत रहेगा तो हर बच्चा शिक्षित और स्वस्थ होगा। इसके लिए हमने घरेलू झगड़ों को खत्म करने की दिशा में काम कर रहे हैं। घरेलू हिंसा को खत्म करने के लिए हम पंचायत में सास-बहू प्रतियोगिता आयोजित करते हैं। जहां बेस्ट बहू और बेस्ट सास की प्रतियोगिता कराते हैं। इससे सास-बहू के बीच सामंजस्य बैठता है और झगड़े कम होते हैं।

 

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *