महिला उद्यमियों के लिए फाइनेंस की राह आसान बनाती सिडबी की महाप्रबंधक अनुभा प्रसाद
सिडबी की महाप्रबंधक : अनुभा प्रसाद
एक साल में सिडबी का व्यवसाय तीगुना बढ़ाया पहली बार बिहार सिडबी की महाप्रबंधक बनी हैं अनुभा प्रसाद
बिहार में आज भी ऊंच पदों पर महिलाओं की सहभागिता नगन्य है। मैं कई जगहों पर अकेली महिला वक्ता के रूप में होती हूं। इसका फायदा भी मिलता है कि महिलाओं को लोग ध्यान से सुनते हैं, लेकिन इस फासले को कम करना होगा। जिस संस्थान में महिलाएं ऊंच पदों पर हैं, वह काफी तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज मैं कह सकती हूं कि पिछले एक साल में सिडबी को मैंने तीगुना व्यवसाय वाला बैंक बना दिया है। यह कहना है सिडबी बिहार की पहली महाप्रबंधक अनुभा प्रसाद का। वह बताती हैं कि उद्यमियता के क्षेत्र में महिलाओं का भविष्य उज्ज्वल है। बस महिलाओं को फाइनेंस की बारिकियों को समझना होगा। बिहार में महिला उद्यमियों को आसानी से फाइनेंस मिल जाए, इस पर फोकस करके काम कर रही हैं। मैंने जनवरी 2023 को सिडबी बिहार-झारखंड हेड के रूप में ज्वाइन की। उस समय में मात्र दो ऑफिसर से सिडबी चलता था। आज सिडबी 700 करोड़ करोड़ रुपए का पोर्टफोलियो वाला बैंक है। लेदर, शू, खाद्य प्रसंस्करण के साथ कई एमएसएमई को फाइनेंस किया गया है।
पटना की रहने वाली हूं, मौका मिला कुछ करने को तो चली आई अनुभा बताती हैं कि वह पटना की रहने वाली हैं। संत जोसेफ कांवेंट से उन्होंने स्कूलिंग की है। सायंस कॉलेज से इंटर और बीआईटी सिंदरी से इलेक्ट्रीकल इंजीनियरिंग के बाद एमडीआई गुड़गांव से एमबीए भी किया है। वह दिल्ली में पदस्थापित थी। उनका परिवार पटना में रहता है। जब बिहार में काम करने का मौका मिला तो चली आई।



















































































